Carbon and Its Compounds Pdf Notes: कार्बन एक अधातु तत्व है जो पृथ्वी पर बहुत कम मात्रा में पाया जाता है, फिर भी यह अत्यधिक संख्या में यौगिक बनाता है। हमारे दैनिक जीवन में प्रयुक्त भोजन, कपड़े, ईंधन, दवाइयाँ, प्लास्टिक, साबुन, पेंट, रबर आदि सभी कार्बन यौगिकों से बने होते हैं।
🔴कार्बन की यह विशेषता इसे सबसे महत्वपूर्ण तत्वों में से एक बनाती है। ncert
कार्बन में आबंधन – सहसंयोजी आबंधन (Covalent Bonding)
कार्बन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
- परमाणु संख्या = 6
- बाह्य कोश में = 4 इलेक्ट्रॉन
- कार्बन न तो 4 इलेक्ट्रॉन खोता है, न ही 4 प्राप्त करता है
- इसलिए कार्बन इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करता है
👉 इस साझेदारी से बनने वाले बंध को सहसंयोजी बंध कहते हैं।
| कार्बन की परमाणु संख्या 6 होती है। इसके बाह्य कोश में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं। कार्बन न तो अपने 4 इलेक्ट्रॉन खो सकता है और न ही 4 इलेक्ट्रॉन प्राप्त कर सकता है, क्योंकि ऐसा करने में बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसलिए कार्बन इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करके बंध बनाता है, जिसे सहसंयोजी बंध कहते हैं। 👉 उदाहरण: CH₄ (मीथेन) CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) |
सहसंयोजी यौगिकों के गुण
सहसंयोजी यौगिकों में अणुओं के बीच आकर्षण बल कमजोर होता है, इसलिए—
- इनका गलनांक एवं क्वथनांक कम होता है
- ये सामान्यतः विद्युत के कुचालक होते हैं
- जल में कम घुलनशील होते हैं
- अधिकांश गैस या द्रव अवस्था में पाए जाते हैं

कार्बन के अपररूप (Allotropes of Carbon)
(A) हीरा
हीरा कार्बन का सबसे कठोर अपररूप है। इसमें प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजी बंध द्वारा जुड़ा होता है।
👉 गुण:
- अत्यंत कठोर
- विद्युत का कुचालक
- आभूषण और काटने वाले औज़ारों में उपयोग
(B) ग्रेफाइट
ग्रेफाइट में कार्बन परमाणु परतों के रूप में व्यवस्थित होते हैं।
👉 गुण:
- मुलायम
- विद्युत का चालक
- पेंसिल की नोंक और इलेक्ट्रोड में उपयोग
(C) फुलरीन (C-60)
- यह कार्बन का आधुनिक अपररूप है, जिसकी संरचना फुटबॉल जैसी होती है। इसका सूत्र C₆₀ है।
कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति (Versatile Nature)
कार्बन के अधिक यौगिक बनने के दो मुख्य कारण हैं—
5.1 श्रृंखलन (Catenation)
- कार्बन स्वयं से जुड़कर:
- लंबी श्रृंखला
- शाखित श्रृंखला
- वलय (चक्रीय) संरचना बनाता है
5.2 चतु:संयोजकता
- कार्बन 4 बंध बना सकता है
- H, O, N, S, Cl आदि से यौगिक बनाता है
संतृप्त एवं असंतृप्त कार्बन यौगिक
(A) संतृप्त यौगिक (Alkanes)
संतृप्त यौगिक (Saturated Compounds)
- केवल एकल बंध (–C–C–)
- एल्केन कहलाते हैं
- कम अभिक्रियाशील
उदाहरण: मीथेन, एथेन
(B) असंतृप्त यौगिक(Unsaturated Compounds)
द्वि बंध (C=C) या त्रि बंध (C≡C) उपस्थित होता है :
- एल्कीन → C=C
- एल्काइन → C≡C
हाइड्रोकार्बन
वे यौगिक जिनमें केवल कार्बन और हाइड्रोजन होते हैं, हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं।
| प्रकार | सामान्य सूत्र |
|---|---|
| एल्केन | CₙH₂ₙ₊₂ |
| एल्कीन | CₙH₂ₙ |
| एल्काइन | CₙH₂ₙ₋₂ |
समावयवता (Isomerism)
- जब दो या अधिक यौगिकों का आणविक सूत्र समान हो लेकिन संरचना भिन्न हो, तो इस गुण को समावयवता कहते हैं।
👉 उदाहरण:
C₄H₁₀ के दो समावयव
प्रकार्यात्मक समूह (Functional Group)
वे परमाणु या परमाणुओं के समूह जो किसी कार्बन यौगिक के रासायनिक गुण निर्धारित करते हैं, प्रकार्यात्मक समूह कहलाते हैं।गुण निर्धारित करते हैं।
| प्रकार्यात्मक समूह | सूत्र | वर्ग |
|---|---|---|
| –OH | एल्कोहल | Alcohol |
| –COOH | कार्बोक्सिलिक अम्ल | Acid |
| –CHO | एल्डिहाइड | Aldehyde |
| –CO– | कीटोन | Ketone |
| –Cl / –Br | हैलो यौगिक | Halo |
समजातीय श्रेणी (Homologous Series)
समजातीय श्रेणी ऐसे यौगिकों का समूह है जिनमें—
- समान प्रकार्यात्मक समूह
- क्रमागत सदस्यों में –CH₂– का अंतर
- रासायनिक गुण समान
- भौतिक गुणों में क्रमिक परिवर्तन
कार्बन यौगिकों की नामपद्धति (Nomenclature)
मुख्य नियम:
कार्बन यौगिकों के नामकरण के लिए IUPAC प्रणाली अपनाई जाती है। इस प्रणाली में किसी यौगिक का नाम उसकी संरचना, कार्बन श्रृंखला, प्रकार्यात्मक समूह और बंधों के आधार पर रखा जाता है।
- कार्बन परमाणुओं की संख्या
- प्रकार्यात्मक समूह
- संतृप्त / असंतृप्त
सबसे लंबी कार्बन श्रृंखला का चयन
सबसे पहले यौगिक में उपस्थित कार्बन परमाणुओं की सबसे लंबी निरंतर श्रृंखला को चुना जाता है।
यही श्रृंखला यौगिक के मूल नाम (Root Word) को निर्धारित करती है।
| कार्बन की संख्या | मूल नाम |
|---|---|
| 1 | Meth (मीथ) |
| 2 | Eth (एथ) |
| 3 | Prop (प्रोप) |
| 4 | But (ब्यूट) |
| 5 | Pent (पेंट) |
| 6 | Hex (हेक्स) |
| 7 | Hept (हेप्ट) |
| 8 | Oct (ऑक्ट) |
| 9 | Non (नॉन) |
| 10 | Dec (डेक) |
बंधों की प्रकृति की पहचान
कार्बन परमाणुओं के बीच उपस्थित बंधों के आधार पर यौगिक के नाम में प्रत्यय (Suffix) जोड़ा जाता है।
| बंध का प्रकार | प्रत्यय |
|---|---|
| एकल बंध (–C–C–) | –ane |
| द्वि बंध (C=C) | –ene |
| त्रि बंध (C≡C) | –yne |
👉 उदाहरण:
- C₂H₆ → Ethane
- C₂H₄ → Ethene
- C₂H₂ → Ethyne
प्रकार्यात्मक समूह की पहचान
प्रकार्यात्मक समूह वह परमाणु या परमाणुओं का समूह होता है जो यौगिक के रासायनिक गुण निर्धारित करता है।
यदि यौगिक में प्रकार्यात्मक समूह उपस्थित है, तो उसका नामकरण में विशेष महत्व होता है।
| प्रकार्यात्मक समूह | सूत्र | प्रत्यय |
|---|---|---|
| एल्कोहल | –OH | –ol |
| एल्डिहाइड | –CHO | –al |
| कीटोन | –CO– | –one |
| कार्बोक्सिलिक अम्ल | –COOH | –oic acid |
| हैलो | –Cl / –Br | chloro / bromo |
कार्बन श्रृंखला का क्रमांकन (Numbering)
कार्बन श्रृंखला का क्रमांकन उस सिरे से किया जाता है, जहाँ से—
- प्रकार्यात्मक समूह को सबसे कम संख्या मिले
- यदि प्रकार्यात्मक समूह न हो, तो द्वि/त्रि बंध को कम संख्या मिले
👉 यही नियम परीक्षा में सबसे अधिक गलतियाँ करवाता है।
उदाहरण:
- प्रोपेनॉल
- प्रोपेनोन
- प्रोपेनॉइक अम्ल
कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुण
12.1 दहन (Combustion)
कार्बन यौगिक ऑक्सीजन में जलकर CO₂ और जल बनाते हैं।
CH₄ + O₂ → CO₂ + H₂O + ऊष्मा
- संतृप्त → नीली ज्वाला
- असंतृप्त → पीली, कज्जली ज्वाला
12.2 ऑक्सीकरण (Oxidation)
एल्कोहल का ऑक्सीकरण कर अम्ल बनाया जाता है।
CH₃CH₂OH → CH₃COOH
- KMnO₄ / K₂Cr₂O₇ ऑक्सीकारक
12.3 सकलन अभिक्रिया (Addition)
असंतृप्त यौगिक + हाइड्रोजन → संतृप्त यौगिक
- असंतृप्त + H₂ → संतृप्त
- उत्प्रेरक: Ni / Pd
12.4 प्रतिस्थापन अभिक्रिया
एल्केन में सूर्य प्रकाश की उपस्थिति में होती है।
- एल्केन में
- सूर्य प्रकाश की उपस्थिति में
एथनॉल (C₂H₅OH)
एथनॉल एक रंगहीन, ज्वलनशील द्रव है।
👉 उपयोग:
- विलायक
- ईंधन
- औषधि निर्माण
अभिक्रियाएँ
- Na के साथ → H₂ गैस
- H₂SO₄ के साथ → एथीन
एथेनॉइक अम्ल (CH₃COOH)
यह सिरके का मुख्य घटक है।
गुण
- सिरके की गंध
- खट्टा स्वाद
- जल में घुलनशील
अभिक्रियाएँ
- NaHCO₃ से अभिक्रिया कर CO₂ देता है।
- एस्टरीकरण अभिक्रिया
| EXAM CONCLUSION LINE (लिखने के लिए) “अतः कार्बन अपनी सहसंयोजकता, श्रृंखलन तथा प्रकार्यात्मक समूहों के कारण अत्यधिक संख्या में यौगिक बनाता है, जो हमारे दैनिक जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” |
All Chapter Notes Links
| Chapter-1 Chemical Reaction and Equation / अध्याय-1 : रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण | English Medium | Hindi Medium |
| Chapter-2 Acids Bases and Salts / अध्याय-2 : अम्ल, क्षारक एवं लवण | English Medium | Hindi Medium |
| Chapter-3 Metals And Nonmetals / अध्याय 3 : धातु एवं अधातु | English Medium | Hindi Medium |